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स्टॉकहोम। डेनमार्क में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे बुर्कों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो चेहरे को पूरी तरह से ढंक लेते हों। डेनमार्क की संसद ने गुरुवार को ही इस संबंध में एक नया कानून पास किया है। इस कानून को एकतरफा समर्थन के साथ पारित किया गया। डेनमार्क भी अब बुर्कों पर विशेष प्रतिबंध लगाने वाले देशों में शुमार हो गया है। गौरतलब है कि डेनमार्क में पिछले कई दिनों से इस मसले पर बहस जारी है। दरअसल यहां धार्मिक मान्यताओं की दलील देकर पहचान छिपाने और दुरुपयोग के गंभीर मामले भी सामने आए हैं। इसी के मद्देनजर सरकार ने यह नया कानून बनाया है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा ना हो।
यूरोपीय देशों में फ्रांस ने लगाया था पहला प्रतिबंध
सबसे पहले 2011 में फ्रांस में बुर्के पर सख्ती बरती गई थी। कानून को सख्ती से लागू करने के लिए भारी-भरकम जुर्माने की भी व्यवस्था की गई है। यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने पिछले साल सार्वजनिक स्थल पर नकाब पहनने पर बेल्जियम में लगाया गया प्रतिबंध बरकरार रखा था।
अगस्त 2018 से प्रभावी होगा नया कानून
डेनमार्क में बन यह नया कानून 01 अगस्त 2018 से प्रभावी हो जाएगा। नए कानून के अनुसार, 'चेहरे को छिपाने वाला कपड़ा पहनने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा।' संसद में इस कानून के पक्ष में 70 जबकि विपक्ष में 30 वोट डाले गए। सरकार की तरफ से पेश किए गए कानून का सोशल डेमोक्रेट्स और घोर दक्षिणपंथी डैनिश पीपल्स पार्टी ने भी समर्थन किया।
ये होगी जुर्माने की रकम
- कानून के तहत सार्वजनिक स्थल पर बुर्का या नकाब पहनने पर 1,000 क्रोनर (156 डॉलर) का जुर्माना लगेगा।
- दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार क्रोनर (1560 डॉलर) तक का जुर्माना लगेगा।
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Published on:
01 Jun 2018 02:44 am
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